यादें

हर कदम पर,
जलाये रखते हैं, वफाओं के चिराग...
डर है कहीं,
देख कर राह मैं अँधेरा,
तेरी यादें,
रास्ता न भूल जाएं....
ये यादें जिन के सहारे,
जीने की तमन्ना,
लिए हैं हम,
हमराह वही,
गुमराह न छोड़ जाएं.....
है चाहत,
मेरी वफ़ा की कसम
तेरी यादों को,
सीने से लगाये हम,
तुझे न सही,
यादों मैं,
तेरी छाया को ही पा जाएं,
तेरी यादें,
रास्ता न भूल जाएं....

......एहसास!

1 टिप्पणी:

रश्मि प्रभा ने कहा…

खूबसूरत ख्याल ...

धन्यवाद !

एहसासों के सागर मैं कुछ पल साथ रहने के लिए.....!!धन्यवाद!!
पुनः आपके आगमन की प्रतीक्षा मैं .......आपका एहसास!

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