नमो नमो हे जन भारत , हुंकार भरो हुंकार भरो!

नमो नमो हे जन भारत , हुंकार भरो हुंकार भरो!

घोर अँधेरा छटने को हर,
नव प्रभात शुभ आने को!
मायूस चक्षुओं के अश्रू,
अब मुस्कानों से मिट जाने को!
शीश धरे गंगाशीष नर,
काशी से बन नाहर, आने को!!

हाथ बढ़ा के साथ बढ़ा के,
हर नर को इंद्र बनाने को!
सौम्य, साधना, शक्ति से,
निज कर सुराज फिर लाने को!!

 आस करो, विश्वास करो,
अब देश धर्म को शिरोधार्य करो!

नमो नमो हे जन भारत , 
हुंकार भरो हुंकार भरो!









सपनो  की नहीं ,अपनों की कमी!
ताकत की नहीं आदत की कमी!!
अब हरियाली की ओढ़ चुनरिया,
भगवा से  भव  पार करो!
नमो नमो हे जन भारत ,
हुंकार भरो हुंकार भरो!

गणतंत्र का बल, राजतंत्र सबल!
करना अब उन्नति का मन्त्र प्रबल!
चिर युवा हो,  नर इंद्र हो तुम!
जन शक्ति से प्रहार करो!
नमो नमो हे जन भारत , 
हुंकार भरो हुंकार भरो!







नमो नमो हे जन भारत , हुंकार भरो हुंकार भरो!… एहसास की कलम से। …

4 टिप्‍पणियां:

name ने कहा…

Namo namo india jai hind

naren nagar ने कहा…

nice

Wasudeo Thavkar ने कहा…

नमो नमो.....!!

Wasudeo Thavkar ने कहा…

नमो नमो.....!!

धन्यवाद !

एहसासों के सागर मैं कुछ पल साथ रहने के लिए.....!!धन्यवाद!!
पुनः आपके आगमन की प्रतीक्षा मैं .......आपका एहसास!

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